भारतीय कला और साहित्य की परंपरा अनमोल है| हाल ही में यूनेस्को ने भरतमुनि के नाट्यशास्त्र को विश्व स्मृति रजिस्टर में सम्मिलित कर इस बात को अधोरेखित किया हैं। नाट्यशास्त्र केवल नाट्य, नृत्य, संगीत आदि प्रदर्शन कलाओं की प्रस्तुति का विज्ञान नहीं अपितु भारत की कला दृष्टि का परिचय ग्रंथ हैं । इसी के साथ भारत की दृश्य कलाओं की परंपरा भी श्रेष्ठ हैं । ऐसी सभी प्रदर्शन कलाएँ, दृश्य कलाएँ और साहित्य की श्रेष्ठ परंपराओं के माध्यम से भारतीय कला दृष्टि को स्थापित करने के लक्ष्य को लेकर 1981 से ‘संस्कार भारती’ कार्य कर रही है | देश भर के 500 से अधिक जिलाओं में विद्यमान 1200 शाखाओं के माध्यम से विभिन्न उपक्रमों के द्वारा इस कला दृष्टी को अधिक व्यापक बनाने हेतू संस्कार भारती निरंतर प्रयासरत हैं । कला केवल मनोरंजन का माध्यम नही है अपितु सामाजिक प्रबोधन और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम हैं, इस विचार को आगे ले जाने का कार्य संस्कार भारती कर रही है | ‘सा कला या विमुक्तये’ अर्थात “कला वह है जो बुराई के बंधन से मुक्ति दिलाती है” । संस्कार भारती का यह घोष वाक्य भारत में कला के एक और महत्वपूर्ण पहलू को उजागर करता हैं ।
विविध कार्यशालाएँ, प्रदर्शनियाँ, कला गोष्ठि, कला महोत्सव, प्रतियोगिताएँ और कलासाधक संगम जैसे वैशिष्ट्यपूर्ण उपक्रमों के नियमित आयोजनों से संस्कार भारती ने कला जगत का एक शीर्ष संगठन इस नाते अपना स्थान प्राप्त किया हैं ।
संस्कार भारती का मानना हैं कि भारत की कलाएँ प्रवाही हैं और समय के साथ नया रूप लेकर प्रकट होती हैं । आज के आधुनिक काल में तकनीक के साथ विकसित होनेवाली अनेक कलाओं ने समाज में और विशेषतः युवाओं में विशेष लोकप्रियता प्राप्त की हैं ।
समय के साथ एक ओर जहाँ नवीन कलाओं का उदय होता हैं तो दूसरी ओर ऐसी अनेक कलाएँ सांस्कृतिक प्रदूषण से ग्रस्त होती भी दिखायी देती हैं । अपनी पारंपरिक कलाओं का संरक्षण करते हुए इन नवीन कलाओं को प्रदूषण मुक्त करना संस्कार भारती के समक्ष एक बड़ी चुनौती हैं ।
अपने आगामी कार्य विस्तार के लक्ष्य में सिनेमा , स्टैंड अप, डिजिटल माध्यम आदि कलाओं में भारतीय कला दृष्टि की स्थापना हेतु संस्कार भारती कटिबद्ध हैं ।
संस्कार भारती मानती हैं की कलाएँ भारत की सौम्य शक्ति (soft power) हैं । तो आइए इस शक्ति का प्रभावी उपयोग करते हुए भारत को विश्व के रंगमंच की एक प्रमुख सांस्कृतिक शक्ति बनाने हेतु संस्कार भारती के सहयात्री बने ।
